Page 33 - Namami Gange 35th Edition
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गृंगा य्षद्ा
"हर रक्ववार माृं गृंगा के द्ार"
मां गंगा को सभी नमदयों में श्ेष् पमवत्र मनम्णल अमवरल िहिी रहे इसके मलए मवकास गंगा संरक्षण मंत्रालय में
और नमदयों की रानी कहा गया है मां हम सभी को मजम्ेदार िनना होगा। कें द्रीय मंत्री रही परम् आदरणीय दीदी
गंगा के वल जीवनदामयनी नहीं है िक्कि उमा भारिी जी और माननीय मनमिन
वह सभी पापों को नष् करिी है और मेरा नाम संजय मसंह गौर, पमचिमी उत्तर गडकरी जी के माग्णदश्णन में काय्ण
मोक्ष की प्राक्ति करवािी है। जन्म से प्रदेश के अमरोहा जनपद के गजरौला करने का अवसर ममला और मफर देश
लेकर मकृत्गु िक गंगा के जल का हर से मां गंगा का एक सूक्ष् स्वयंसेवक के के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्ी नरेंद्र
काय्ण में प्रयोग मकया जािा है। रुप संकक्ल्पि हं। यह मां गंगा की ककृ पा मोदी जी द्ारा मंत्रालय को एक नई
और मेरा सौभाग्य ही है, जो मां गंगा ने
आज का मवज्ान भी मानिा है अपनी सेवा हेिगु मेरे मन में भाव जागकृि शक्क्त और ऊजा्ण के साथ जलशक्क्त
मक गंगाजल में ‘जीवाणगुभोजी’ की मकया। मां गंगा की स्वच्छिा, मनम्णलिा मंत्रालय का गठन कर माननीय गजेन्द्
उपक्स्थमि की वजह से गंगाजल में मसंह शेखावि जी को म़िम्ेदारी सौंपी।
कीडे नही पनप पािे। भारिीय ऋमषयों और अमवरलिा के मलए मैं वष्ण 2010 हम माननीय प्रधानमंत्री जी के आभारी
को गंगा के वैज्ामनक महत्व एवं अद्ैि से लगािार मां गंगा की सेवा में लगा हैं, मजन्ोंनने मां गंगा का मचंिन मकया
प्राककृ मिक संरचना का ज्ान था, इसी हँ। वष्ण 2017 में मगुझे गंगा मवचार मंच और मां गंगा की स्वच्छिा को एक
कारण गीिा व अन्य शास्त-पगुराणों में के सामनध् में मजला संयोजक के रुप जनक्रांमि िनाया।
मां गंगा को भारिीय संस्कृ मि का प्राण में काय्ण करने का अवसर ममला। मगुझे
ििाया है। भारिीय जन मानस में मां ऐसा लगा मक जैसे मेरे मवचारों को मजला संयोजक के रूप में काय्ण करिे
गंगा को पररिह्म, मनमव्णकार, मनराकार, और मेरे कायषों को पंख लग गए हैं। हुए वष्ण 2018 में मां गंगा की स्वच्छिा
पापहाररणी और सि्-मचि् आनंद का एक गौरव की अनगुभूमि हुई। ित्ालीन हेिगु "हर रमववार मां गंगा के द्ार"
प्रिीक माना जािा है मां गंगा सदैव भारि सरकार में जल संसाधन नदी सातिामहक स्वच्छिा काय्णक्रम चलाकर
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