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गंगा का िडिजटल  प: बिलया से

                        फर ा तक एनएमसीजी की 3डी मैिपंग


































             गंगा,  भारत  की  जीवनधारा,  सिदयो ं से  न  बिलया से लेकर पि म बंगाल के  फर ा तक  इसम  3डी  लाकृ ित  ै िनंग के  िलए हवाई
             के वल  भौगोिलक  और  आिथ क   ि   से  गंगा कॉ रडोर की हवाई LiDAR सव  और 3डी  LiDAR (Light Detection and Ranging)
             मह पूण   रही  है,  ब    यह  सां ृ ितक,  मैिपंग  शु   कर  दी  है।  चार  रा ो—ं उ र  का  योग िकया जा रहा है।  ापक कॉ रडोर
             आ ा  क  और  भावना क   प  से   देश,  िबहार,  झारखंड  और  पि म  कवर करने के  िलए मानवयु  िवमान का
             देशवािसयो ं के  जीवन की आ ा बन चुकी है।  बंगाल—को कवर करने वाली यह प रयोजना  उपयोग िकया जाएगा, और िनकट दू री पर
             उसकी कल-कल करती धाराएँ  िकसानो ं की  नदी  और  उसके   ड ेनेज  नेटवक    का  ‘3डी  सटीक  डेटा   ा   करने  के   िलए  ड  ोन  का

             फसलो ंको िसंचती ह , उसके  िकनारे बसे गाँवो ं  िडिजटल ि नʼ बनाने की िदशा म  एक बड़ा  उपयोग  िकया  जा  रहा  है।  अ  ा-हाई-
             म  जीवन की कहािनयाँ बुनती ह , और उसकी  कदम  है।  यह  िडिजटल  ि न  गंगा  की  रेज़ॉ ूशन इमेजरी के  िलए फोटो ामेट ी और
             लहरो ंम  इितहास और सं ृ ित की जीवंत गूँज  भौगोिलक,  पा र  ितक  और  जल- वाह  िजयोटैगेड वीिडयो ाफी जैसी तकनीक   गंगा
             सुनाई देती है। आज, इस जीवनदाियनी नदी  संबंधी संरचना को कं  ूटर पर जीिवत करता  की िडिजटल झलक को जीवंत बनाती ह । इन
             के  संर ण और पुनज वन की िदशा म  एक  है, िजससे नदी के  हर मोड़, हर संगम, हर बाढ़  तकनीको ं का संयोजन नदी के  हर छोटे-बड़े
             नई  उ ीद  उभर  रही  है।  एनएमसीजी  के  मैदान की सटीक जानकारी उपल  हो  िववरण  को   रकॉड   करता  है—नालो ं के
             (नेशनल िमशन फॉर  ीन गंगा) ने आधुिनक  सके ।                            मुहाने, संगम िबंदु, बाढ़ के  मैदान, और यहां
             तकनीक  और  वै ािनक   ि कोण  के   साथ  नमािम गंगे काय  म के  अंतग त शु  की गई   तक  िक  नदी  के   िकनारे  बसे  समुदायो ं के
             एक  साहिसक  और   ेरणादायक  कदम  यह  पहल  यह  संदेश  देती है  िक   आधुिनक    भाव तक।
             उठाया है, जो गंगा के  हर मोड़ और हर िबंदु   तकनीक और पारंप रक नदी  बंधन के  बीच   नदी  बंधन म   ि कोण का प रवत न
             की सटीक समझ और देखभाल की िदशा म    संतुलन  कै से  बनाया  जा  सकता  है।  यह प रयोजना के वल तकनीकी उपल   नही ं
              ांित ला रहा है। यह पहल न के वल नदी की   एनएमसीजी के  आिधका रक X ह डल ने कहा,  है। यह नदी  बंधन म   ि कोण का प रवत न
             सुर ा को सुिनि त करती है, ब   हमारे   “बिलया से फर ा तक, गंगा की मैिपंग ऐसे  है। दशको ं तक भारत म  नदी  बंधन पुराने
             पारंप रक   ान  और  आधुिनक  िव ान  के    तरीके  से होने जा रही है जैसा पहले कभी नही ं  न ो ं और अनुमान पर िनभ र रहा है। नाले

             संगम को भी जीवंत करती है, िजससे गंगा    आ।” यह िसफ   आंकड़ो ं और मानिच ो ं की  बदलते ह , बाढ़ का मैदान धीरे-धीरे फै लता है,
             िफर से अपनी पूण  चमक और जीवनदाियनी   बात  नही ं है-यह  नदी  को  समझने,  उसकी   संगम सilt हो जाते ह । नदी बदलती रहती है,
             श   के  साथ बह सके ।               धड़कन को महसूस करने और उसके  साथ    लेिकन कागजी काम कभी इतना तेज़ नही ं
             एनएमसीजी  की  3डी  मैिपंग:  आधुिनक  सहयोग करने की  ि या है।           होता। एनएमसीजी की यह पहल इस पुरानी
             तकनीक और पारंप रक  बंधन का संगम 15   तकनीकी   ि :  LiDAR,  ड  ोन  और   समझ को चुनौती देती है। अब डेटा आधा रत,
             मई, 2026 को नई िद ी से यह जानकारी   फोटो ामेट  ी                      िडिजटल  और  वा िवक  समय  पर  िनण य
             िमली िक एनएमसीजी  ने  उ र  देश  के  तकनीकी  ि  से प रयोजना अ ंत उ त है।  संभव हो रहा है।
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