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इस मैिपंग से अिधका रयो ं को नालो ं और ि कोण का तीक भी है। गंगा को अब िडिजटल युग म गंगा का संर ण
संगम िबंदुओ ं को सटीक प से मैप करने, के वल पानी की धारा नही,ं ब एक जीिवत, बिलया से फर ा तक की हवाई 3डी मैिपंग
दू षण हॉट ॉट की पहचान करने, अपिश संवेदनशील और जिटल पा र ितकी तं के प रयोजना न के वल गंगा की भौगोिलक समझ
जल अवरोधन की योजना बनाने और ि - प म देखा जा रहा है। िडिजटल मैिपंग और को बढ़ाती है, ब यह एक संदेश भी देती
आयामी बाढ़ के मैदान के मॉडल तैयार करने 3डी मॉडिलंग से यह सुिनि त होगा िक नदी है-िक नदी संर ण के वल भावनाओ ं या
म मदद िमलेगी। इससे न के वल बाढ़ बंधन के हर प रवत न, हर बदलाव और हर खतरे तीको ं पर आधा रत नही ं हो सकता, ब
म सुधार होगा, ब मानसून के दौरान का समय रहते पता लगाया जा सके । इस वै ािनक डेटा और िडिजटल मैिपंग की श
सुर ा, जल आपूित और खेती पर भी प रयोजना का भावना क मह भी कम के साथ इसे वा िवकता म बदलना होगा।
सकारा क भाव पड़ेगा। नही ं है। गंगा की धाराओ ं म हमारी सं ृ ित, गंगा अब के वल एक नदी नही;ं यह िडिजटल
युग म एक जीिवत, सांस लेने वाला नेटवक बन
डेटा आधा रत िनण य और बाढ़ बंधन हमारी आ ा और हमारी ृितयाँ बहती ह ।
रही है, िजसे समझना, संरि त करना और
इसके साथ ही, यह प रयोजना नदी तट जब हम उसकी िडिजटल छिव तैयार कर रहे
बंिधत करना अब पहले से कही ं अिधक
संरचना को अब नदी के खलाफ नही ं ब ह , तो हम उसकी र ा का एक आधुिनक
संभव है। एनएमसीजी की इस पहल से
उसके साथ काम करने के िलए िडज़ाइन मा म िवकिसत कर रहे ह । हम सुिनि त
होता है िक आधुिनक तकनीक, सरकारी
करने की िदशा म भी माग दश क है। पो म कर रहे ह िक आने वाली पीिढ़यो ं को यह नदी
समथ न और वै ािनक ि कोण िमलकर न
कहा गया है, “एक बार डेटा सेट आने के बाद, उसी जीवंतता और मिहमा के साथ िमले, जैसी
के वल पया वरण की र ा कर सकते ह , ब
हर नाला और संगम िबंदु सटीक प से उसने हम दी है।
सामािजक और आिथ क जीवन को भी बेहतर
िच त होगा। दू षण हॉट ॉट समय से िश ा और अनुसंधान म योगदान
बना सकते ह । यह प रयोजना हम यह भी
पहले िच त होगं े। अपिश जल अवरोधन इसके अलावा, इस प रयोजना से ा डेटा
िसखाती है िक जब हम नदी को मापते ह ,
इंजीिनय रंग सटीकता के साथ योजना बनाई का उपयोग िश ा और अनुसंधान म भी िकया
उसकी गहराई और िकनारो ं को समझते ह ,
जाएगी। बाढ़ के मैदान आने वाले मानसून के जा सकता है। िव िव ालय, शोध सं ान
तब हम उसके साथ िमलकर उसका संर ण
िलए मॉडल िकए जाएं गे। और नदी तट और पया वरणिवद इस डेटा का उपयोग
कर सकते ह , और के वल उसके िलए नही,ं
संरचना अंततः नदी के साथ काम करने के करके गंगा के पा र ितकी तं , जल
ब अपने जीवन और आने वाली पीिढ़यो ंके
िलए िडज़ाइन की जाएगी।” गुणव ा और बाढ़ जो खम का अ यन कर िलए भी।
पा र ितक और सामािजक ि कोण सकते ह । यह न के वल वत मान सम ा का गंगा की िडिजटल या ा अब शु हो चुकी है।
यह िसफ तकनीकी काय नही ं है, ब यह समाधान करेगा, ब भिव म आने वाली और यह के वल आंकड़ो ं म नही,ं ब हमारी
एक गहन पा र ितक और सामािजक चुनौितयो ंके िलए भी तैयारी करेगा। चेतना म भी बह रही है।
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