Page 14 - Patrika 44-Apr-Jun-26 - Sep-1.cdr
P. 14

इस  मैिपंग  से  अिधका रयो ं को  नालो ं और   ि कोण  का   तीक  भी  है।  गंगा  को  अब  िडिजटल युग म  गंगा का संर ण

             संगम िबंदुओ ं को सटीक  प से मैप करने,  के वल पानी की धारा नही,ं ब   एक जीिवत,  बिलया से फर ा तक की हवाई 3डी मैिपंग
              दू षण हॉट ॉट की पहचान करने, अपिश    संवेदनशील और जिटल पा र  ितकी तं  के   प रयोजना न के वल गंगा की भौगोिलक समझ
             जल  अवरोधन  की  योजना  बनाने  और  ि -   प म  देखा जा रहा है। िडिजटल मैिपंग और  को बढ़ाती है, ब   यह एक संदेश भी देती
             आयामी बाढ़ के  मैदान के  मॉडल तैयार करने  3डी मॉडिलंग से यह सुिनि त होगा िक नदी  है-िक  नदी  संर ण  के वल  भावनाओ ं या
             म  मदद िमलेगी। इससे न के वल बाढ़  बंधन  के  हर प रवत न, हर बदलाव और हर खतरे   तीको ं पर आधा रत नही ं हो सकता, ब

             म   सुधार  होगा,  ब    मानसून  के   दौरान  का  समय  रहते  पता  लगाया  जा  सके ।  इस   वै ािनक डेटा और िडिजटल मैिपंग की श
             सुर ा,  जल  आपूित   और  खेती  पर  भी  प रयोजना  का  भावना क  मह   भी  कम   के  साथ इसे वा िवकता म  बदलना होगा।
             सकारा क  भाव पड़ेगा।                नही ं है। गंगा की धाराओ ं म  हमारी सं ृ ित,   गंगा अब के वल एक नदी नही;ं यह िडिजटल
                                                                                   युग म  एक जीिवत, सांस लेने वाला नेटवक   बन
             डेटा आधा रत िनण य और बाढ़  बंधन     हमारी आ ा और हमारी  ृितयाँ बहती ह ।
                                                                                   रही है, िजसे समझना, संरि त करना और
             इसके   साथ  ही,  यह  प रयोजना  नदी  तट  जब हम उसकी िडिजटल छिव तैयार कर रहे
                                                                                    बंिधत  करना  अब  पहले  से  कही ं अिधक
             संरचना को अब नदी के   खलाफ नही ं ब    ह ,  तो  हम  उसकी  र ा  का  एक  आधुिनक
                                                                                   संभव है। एनएमसीजी की इस पहल से
             उसके   साथ  काम  करने  के   िलए  िडज़ाइन  मा म िवकिसत कर रहे ह । हम सुिनि त
                                                                                   होता  है  िक  आधुिनक  तकनीक,  सरकारी
             करने की िदशा म  भी माग दश क है। पो  म   कर रहे ह  िक आने वाली पीिढ़यो ं को यह नदी
                                                                                   समथ न और वै ािनक  ि कोण िमलकर न
             कहा गया है, “एक बार डेटा सेट आने के  बाद,  उसी जीवंतता और मिहमा के  साथ िमले, जैसी
                                                                                   के वल पया वरण की र ा कर सकते ह , ब
             हर  नाला  और  संगम  िबंदु  सटीक   प  से  उसने हम  दी है।
                                                                                   सामािजक और आिथ क जीवन को भी बेहतर
             िच  त  होगा।   दू षण  हॉट ॉट  समय  से  िश ा और अनुसंधान म  योगदान
                                                                                   बना सकते  ह ।  यह  प रयोजना हम   यह  भी
             पहले िच  त होगं े। अपिश  जल अवरोधन  इसके  अलावा, इस प रयोजना से  ा  डेटा
                                                                                   िसखाती है िक जब हम नदी को मापते ह ,
             इंजीिनय रंग सटीकता के  साथ योजना बनाई  का उपयोग िश ा और अनुसंधान म  भी िकया
                                                                                   उसकी गहराई और िकनारो ं को समझते ह ,
             जाएगी। बाढ़ के  मैदान आने वाले मानसून के   जा  सकता  है।  िव िव ालय,  शोध  सं ान
                                                                                   तब हम उसके  साथ िमलकर उसका संर ण
             िलए  मॉडल  िकए  जाएं गे।  और  नदी  तट  और  पया वरणिवद  इस  डेटा    का  उपयोग
                                                                                   कर सकते ह , और के वल उसके  िलए नही,ं
             संरचना अंततः  नदी के  साथ काम करने के   करके   गंगा  के   पा र  ितकी  तं ,  जल
                                                                                   ब   अपने जीवन और आने वाली पीिढ़यो ंके
             िलए िडज़ाइन की जाएगी।”              गुणव ा और बाढ़ जो खम का अ यन कर     िलए भी।
             पा र  ितक और सामािजक  ि कोण        सकते ह । यह न के वल वत मान सम ा का   गंगा की िडिजटल या ा अब शु  हो चुकी है।

             यह िसफ   तकनीकी काय  नही ं है, ब   यह  समाधान करेगा, ब   भिव  म  आने वाली   और यह के वल आंकड़ो ं म  नही,ं ब   हमारी
             एक गहन पा र  ितक और सामािजक        चुनौितयो ंके  िलए भी तैयारी करेगा।  चेतना म  भी बह रही है।




































             14
   9   10   11   12   13   14   15   16   17   18   19