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गंगा संर ण की िदशा म  नया अ ाय:


                 नमािम गंगे ने  ािपत िकए मह पूण  मील के  प र




              2025–26 का िव ीय वष  गंगा के  िलए एक नए अ ाय के   प म  याद रखा जाएगा। रा ीय    गंगा िमशन (NMCG) ने इस दौरान गंगा और

              उसकी सहायक निदयो ंको साफ़ और    बनाने म  ऐितहािसक  गित हािसल की है। यह साल िसफ   आंकड़ो ंका नही,ं ब   गंगा बेिसन म
              मलजल  बंधन  मता बढ़ाने, नए सीवेज ट ीटम ट  ांट्स  ािपत करने और  दू षण हॉट ॉट्स को िनयंि त करने के  िलए िनरंतर और

              सामंज पूण   यासो ंका  तीक रहा। हर प रयोजना, हर नई सुिवधा और हर सुधरी नदी कड़ी इस िमशन के   ढ़ संक  की कहानी कहती है।
              इस साल की उपल  याँ मानो नदी की धारा की तरह धीरे-धीरे जीवन के  हर कोने तक प ँची, गाँव और शहरो ं म  नई उ ीद  जगाईं, और यह

              सािबत िकया िक जब योजना, िव ान और समुदाय का िमलन होता है, तो    गंगा िसफ   सपना नही,ं ब   साकार वा िवकता बन सकती
              है।


             मजबूत  इं ा   र  और   मता  का  वाराणसी के  अ ी- BHU  े  की प रयोजना  करने का चुनौतीपूण  काम संभाला और 10.3
             िव ार                              ने अके ले 55 एमएलडी  मता जोड़कर बड़ी  एमएलडी की अित र   मता जोड़ी, िजससे
             िव ीय  वष   2025–26  ने  गंगा  बेिसन  म   छाप  छोड़ी।   यागराज  म   13  नालो ं को    ानीय  जल   ोतो ं म   सुधार   आ।     वही,ं
               ता और जल संर ण की िदशा म  एक  इंटरसे  और डायवट  कर सलोरी STP का
                                                                                   देहरादू न  के   सपेरा  ब ी   े   म    ािपत
             नया अ ाय खोला। उ र  देश, उ राखंड,  िव ार िकया गया, िजससे ₹331.75 करोड़
                                                                                   प रयोजना ने 15 एमएलडी  मता जोड़कर
             झारखंड, पि म बंगाल और िबहार म  18 बड़ी  के  िनवेश पर 43 एमएलडी अित र   मता
                                                                                   शहर  की  मलजल  अवसंरचना  को  मजबूत
             प रयोजनाओ ं के   ज रए  538.03  एमएलडी  िवकिसत  ई। मुरादाबाद म  रामगंगा नदी के
                                                                                   िकया।  ह र ार  म   जगजीतपुर,  सराय,
             नई  सीवेज  ट ीटम ट   मता  जोड़ी  गई।  इस   दू षण िनवारण काय  ने 25 एमएलडी  मता
                                                                                   ऋिषके श,   ीनगर  और  देव याग  जैसे
             दौरान 28 नए STP (सीवेज ट ीटम ट  ांट)  बढ़ाई,  जबिक  शु ागंज  म   इंटरसे शन,
             बनकर तैयार  ए, जो िपछले साल की 22  डायवश न और STP सुधारो ंसे 5 एमएलडी नई   मह पूण    लो ं पर  छोटे,  िवक   ीकृ त
              ांटो ं की  तुलना  म   एक      और   ेरक   मता जुड़ी। वृंदावन म  I&D और STP काय   ह  ेपो ं के  मा म से 0.23 एमएलडी की
             बढ़ोतरी  है।  इन  प रयोजनाओ ं म   लगभग  ने  13  एमएलडी  का  योगदान  िदया।  और  अित र   मता सुिनि त की गई। इस तरह
             ₹4700 करोड़ का िनवेश िकया गया, जो न  आगरा म  166 एमएलडी की नई  मता जुड़ने  के   यास  ानीय समुदायो ं और पया वरण के
             के वल  गंगा  बेिसन  म   मलजल   बंधन  और  से  पूरे  रा   की  सीवेज  ट ीटम ट   मता  म    िलए िवशेष  प से लाभकारी सािबत  ए।
              दू षण  िनयं ण  के   सतत   यासो ं की  उ ेखनीय बढ़ोतरी  ई।              मुनी की रेती म  11 एमएलडी की नई  मता

              ितब ता  को  दशा ता  है,  ब     े ीय  इन सभी पहलो ं म  हाइि ड ए ुइटी मॉडल
                                                                                   जुड़ने से  े  की मलजल  णाली और अिधक
             िवकास  और  लोगो ं की  जीवन  गुणव ा  म    (HAM)  का  उपयोग  िकया  गया,  जो  उ र   सु ढ़  ई, िजससे पूरे उ राखंड म  सतत और
             सुधार की  िदशा म   भी ठोस  कदम  सािबत
                                                 देश म  मलजल  बंधन और नदी पुन  ार   कु शल मलजल  बंधन का एक मजबूत ढांचा
             होता है। यह कहानी िसफ    ांट और िनवेश
                                                के  िलए ब -शहर  ि कोण की    झलक    तैयार  आ।
             की नही,ं ब      जल, ह रत भिव  और
                                                पेश करता है। यह िसफ   आंकड़ो ं की कहानी   झारखंड  म    ायी  कदम:  फु सरो
             सामुदाियक  ा  की िदशा म  उठाए गए
                                                नही,ं ब      जल,    नदी और सतत     प रयोजना
             मजबूत कदमो ंकी है।
                                                िवकास की िदशा म  उठाए गए ठोस कदमो ं
             उ र   देश:  ब -शहर   यास  और                                          झारखंड ने अपने जल और पया वरण  बंधन
                                                की जीवंत गाथा है।
             हाइि ड मॉडल                                                           म   एक  ठोस  कदम  बढ़ाया  है।  फु सरो
                                                उ राखंड म  उ त मलजल  बंधन          प रयोजना  के   सफल  समापन  ने  रा   की
             उ र   देश  ने  इस  उपल    म   सबसे
                                                उ राखंड ने हाल के  वष  म  मलजल  बंधन  सीवेज  ट ीटम ट   मता  म   14  एमएलडी  की
             मह पूण  योगदान िदया, रा  के  कई शहरो ं
             म  सजीव प रयोजनाओ ं के  मा म से सीवेज   के   े  म  उ ेखनीय  गित दज  की है। उधम  वृ   की है। 61.05 करोड़  पए की  ीकृ त
             ट ीटम ट   मता  को  नई  ऊँ चाइयो ं तक   िसंह नगर, ह र ार, देहरादू न और मुनी की  लागत से तैयार इस प रयोजना ने न के वल
             प ँचाया। मुरादाबाद, शु ागंज, वाराणसी,  रेती म   मुख प रयोजनाओ ं ने  े  की जल   ानीय मलजल अवसंरचना को सु ढ़ िकया
             वृंदावन,  यागराज और आगरा म  लागू पहलो ं  गुणव ा  और  साव जिनक   ा   को  नई  है, ब    दू षण िनवारण के   यासो ं म  भी
             ने  रा   की  सफाई  और  जल  संर ण  की  ऊँ चाइयो ं पर प ंचाया है। उधम िसंह नगर  मह पूण  योगदान िदया है। यह प रयोजना
             कहानी को जीवंत िकया।               प रयोजना ने  दू िषत नदी खंडो ंको साफ   यह संदेश देती है िक झारखंड सतत िवकास
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