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गंगा का पुनजा गरण:
उ राखंड की धरती से उठती एक नई धारा
भारत म निदयो ं के संर ण हेतु चल रहे इ ा र की ांित: बदलाव की एमएलडी मता वाले 11 नए एसटीपी का
भागीरथ यासो ं के बीच, गंगा के पावन उ म मजबूत नीवं िनमा ण जारी है। यह सम त और ल -
ल उ राखंड की गोद से एक िण म उ राखंड म गंगा पुनज वन की कहानी के वल उ ुख यास इस त को रेखांिकत करता है
अ ाय नव भात की तरह उिदत हो रहा है। संक की नही,ं ब सु ढ़ अवसंरचना के िक उ राखंड ने दू षण िनयं ण को के वल
िहमालय की िद गोद से अवत रत गंगा मा म से साकार ए प रवत न की ेरक गाथा एक प रयोजना नही,ं ब िमशन मोड म
के वल आ ा की धारा नही,ं ब करोड़ो ं है। नमािम गंगे काय म के अंतग त रा म अपनाया है।
जीवनो ं की ंिदत धड़कन और भारतीय 37 प रयोजनाओ ं का सफलतापूव क पूण क ीय द ू षण िनयं ण बोड की जल
स ता की अमर िवरासत है। उ राखंड ने होना इस िदशा म एक ऐितहािसक उपल गुणव ा रपोट (2025) भी रा म गंगा के
के प म उभरा है। इन पहलो ं के पुनज वन की एक सश और मािणत
दू रदश संक , वै ािनक ि और
प रणाम प 200 एमएलडी मता वाले गवाही ुत करती है। इस रपोट के
अ ाधुिनक तकनीक के संगम से पुनज वन
50 एसटीपी ािपत िकए गए ह -जो एक ऐसी अनुसार, रा म गंगा को “अ द ू िषत” ेणी
की एक ऐसी ेरक गाथा रची है, जहाँ हर
संरचना क ांित है, िजसने जल गुणव ा म वग कृ त िकया गया है-एक ऐसी उपल ,
लहर म नवजीवन की आभा और हर वाह म
सुधार की िदशा म िनणा यक और दू रगामी जो न के वल पया वरणीय ि से मह पूण है,
भिव की उ ल आशा िझलिमलाती है।
भाव डाला है। ब रा ीय संक की सफलता का
रा ीय गंगा िमशन के अंतग त िकए गए
यह उपल तब और अिधक मह पूण हो उ ल तीक भी है।
दू रदश ह ेपो ं ने गंगा की धारा म एक नया
जाती है जब हम अतीत पर ि डालते ह । वष वै ािनक मानको ं पर खरे उतरते ए
जीवन-संदेश वािहत िकया है। िहमालय से
2014 से पूव रा म मा 18 एमएलडी की बायोके िमकल ऑ ीजन िडमांड (बीओडी)
उतरती इस पिव नदी की सेहत म आए
एसटीपी मता उपल थी। नमािम गंगे के का र 3 िम. ा./ली. से कम बना आ है,
सकारा क बदलाव अब के वल आशा नही,ं
तहत अित र 200 एमएलडी मता के जबिक घुिलत ऑ ीजन (डीओ) की मा ा
ब मािणत उपल बन चुके ह । ताज़ा
जुड़ने से िपछले 11 वष म अवसंरचना म दस जलीय जीवन के िलए सुरि त और अनुकू ल
आँकड़े और जमीनी रपोट प से
गुना वृ दज की गई है। यह िव ार के वल सीमा म है। ये दोनो ंसंके तक िकसी भी नदी के
दशा ती ह िक उ राखंड म गंगा के सबसे आंकड़ो ं का िव ार नही,ं ब एक ा के सबसे िव सनीय मानदंड माने
संवेदनशील और पा र ितक ि से भिव की आधारिशला है। जाते ह , और उनका संतुिलत र गंगा की
मह पूण िह ो ं म दू षण िनयं ण और िनम लता का सश माण ुत करता है।
इसी म म दू षण िनयं ण के े म भी
संतुलन बहाली के यास भावी िस हो रहे उ ेखनीय गित ई है। रा म गंगा म ाट मॉिनट रंग: पारदिश ता और
ह । यह प रवत न महज़ शासिनक द ता का िगरने वाले 170 दू िषत नालो ंकी पहचान कर जवाबदेही की िडिजटल ांित
प रणाम नही,ं ब एक दू रदश 155 को सफलतापूव क टैप िकया गया। शेष उ राखंड म गंगा पुनज वन की सफलता
पया वरणीय संक की सजीव अिभ 15 नालो ं पर काय ती गित से गित पर है, के वल कं ीट और पाइपलाइन की कहानी
है। िजनके िलए 49.122 नही ंहै; यह
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