Page 30 - Patrika 43-Jan-Mar-26-May-19-curve-file.cdr
P. 30

गंगा का पुनजा गरण:



                   उ राखंड की धरती से उठती एक नई धारा


             भारत  म   निदयो ं के   संर ण  हेतु  चल  रहे  इ  ा   र  की   ांित:  बदलाव  की  एमएलडी  मता वाले 11 नए एसटीपी का
             भागीरथ  यासो ं के  बीच, गंगा के  पावन उ म  मजबूत नीवं                 िनमा ण  जारी  है।  यह  सम  त  और  ल -
              ल  उ राखंड  की  गोद  से  एक   िण म  उ राखंड म  गंगा पुनज वन की कहानी के वल  उ ुख  यास इस त  को रेखांिकत करता है
             अ ाय नव  भात की तरह उिदत हो रहा है।  संक  की नही,ं ब   सु ढ़ अवसंरचना के   िक उ राखंड ने  दू षण िनयं ण को के वल
             िहमालय  की  िद   गोद  से  अवत रत  गंगा  मा म से साकार  ए प रवत न की  ेरक गाथा  एक प रयोजना नही,ं ब   िमशन मोड म
             के वल आ ा की धारा नही,ं ब   करोड़ो ं  है। नमािम गंगे काय  म के  अंतग त रा  म   अपनाया है।
             जीवनो ं की   ंिदत  धड़कन  और  भारतीय   37  प रयोजनाओ ं का  सफलतापूव क  पूण   क   ीय   द ू षण  िनयं ण  बोड   की  जल
             स ता की अमर िवरासत है। उ राखंड ने   होना इस िदशा म  एक ऐितहािसक उपल    गुणव ा  रपोट  (2025) भी रा  म  गंगा के
                                                के    प  म   उभरा  है।  इन  पहलो ं के   पुनज वन  की  एक  सश   और   मािणत
             दू रदश   संक ,  वै ािनक   ि   और
                                                प रणाम  प 200 एमएलडी  मता वाले  गवाही    ुत  करती  है।  इस   रपोट   के
             अ ाधुिनक तकनीक के  संगम से पुनज वन
                                                50 एसटीपी  ािपत िकए गए ह -जो एक ऐसी  अनुसार, रा  म  गंगा को “अ द ू िषत”  ेणी
             की एक ऐसी  ेरक गाथा रची है, जहाँ हर
                                                संरचना क   ांित  है,  िजसने  जल  गुणव ा  म  वग कृ त िकया गया है-एक ऐसी उपल  ,
             लहर म  नवजीवन की आभा और हर  वाह म
                                                सुधार  की  िदशा  म   िनणा यक  और  दू रगामी  जो न के वल पया वरणीय  ि  से मह पूण  है,
             भिव  की उ ल आशा िझलिमलाती है।

                                                 भाव डाला है।                      ब    रा ीय  संक   की  सफलता  का
             रा ीय    गंगा िमशन के  अंतग त िकए गए

                                                यह उपल   तब और अिधक मह पूण  हो     उ ल  तीक भी है।
             दू रदश  ह  ेपो ं ने गंगा की धारा म  एक नया
                                                जाती है जब हम अतीत पर  ि  डालते ह । वष   वै ािनक  मानको ं पर  खरे  उतरते   ए
             जीवन-संदेश  वािहत िकया है। िहमालय से
                                                2014 से पूव  रा  म  मा  18 एमएलडी की  बायोके िमकल ऑ ीजन िडमांड (बीओडी)
             उतरती  इस  पिव   नदी  की  सेहत  म   आए
                                                एसटीपी  मता उपल  थी। नमािम गंगे के   का  र 3 िम. ा./ली. से कम बना  आ है,
             सकारा क बदलाव अब के वल आशा नही,ं
                                                तहत  अित र   200  एमएलडी   मता  के   जबिक घुिलत ऑ ीजन (डीओ) की मा ा
             ब    मािणत उपल   बन चुके  ह । ताज़ा
                                                जुड़ने से िपछले 11 वष  म  अवसंरचना म  दस  जलीय जीवन के  िलए सुरि त और अनुकू ल
             आँकड़े  और  जमीनी   रपोट        प  से
                                                गुना वृ   दज  की गई है। यह िव ार के वल  सीमा म  है। ये दोनो ंसंके तक िकसी भी नदी के
             दशा ती  ह   िक  उ राखंड  म   गंगा  के   सबसे   आंकड़ो ं का िव ार नही,ं ब   एक      ा   के   सबसे  िव सनीय  मानदंड  माने
             संवेदनशील  और  पा र  ितक   ि   से   भिव  की आधारिशला है।              जाते ह , और उनका संतुिलत  र गंगा की
             मह पूण   िह ो ं म    दू षण  िनयं ण  और                                िनम लता का सश   माण   ुत करता है।
                                                इसी  म म   दू षण िनयं ण के   े  म  भी
             संतुलन बहाली के   यास  भावी िस  हो रहे   उ ेखनीय   गित   ई  है।  रा   म   गंगा  म    ाट   मॉिनट रंग:  पारदिश ता  और
             ह । यह प रवत न महज़  शासिनक द ता का   िगरने वाले 170  दू िषत नालो ंकी पहचान कर   जवाबदेही की िडिजटल  ांित
             प रणाम  नही,ं  ब    एक  दू रदश   155 को सफलतापूव क टैप िकया गया। शेष  उ राखंड  म   गंगा  पुनज वन  की  सफलता
             पया वरणीय संक  की सजीव अिभ     15 नालो ं पर काय  ती  गित से  गित पर है,  के वल कं  ीट और पाइपलाइन की कहानी
             है।                                िजनके  िलए 49.122                  नही ंहै; यह

                                                                                                                   30
   25   26   27   28   29   30   31   32   33   34   35