एनएमसीजी के बारे में

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण (एनजीआरबीए) का क्रियान्वयन स्कंध है | यह सोसाइटी पंजीकरण अधिनियमन, 1860 के अंतर्गत पर्यावरण और वन मंत्रालय जिसे 12 अगस्त 2011 को एक सोसाइटी के रुप में पंजीकृत किया गया है भारत सरकार कार्य आबंटन नियम 1961 में 360 संशोधन के अनुसार (एनजीआरबीए) और (एन.एम.सी.जी) दोनों जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय को आबंटित किया गया है। भारत सरकार के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के सचिव, एनएमसीजी परिषद के अध्यक्ष हैं | जैसाकि आर्थिक मामलों संबंधी मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) द्वारा अनुमोदित किया या है, एनजीआरबीए के अधिदेश का क्रियान्वयन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमजीसी) द्वारा किया जा रहा है | राष्ट्रीय स्तर का राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन एक समन्वय निकाय है जिसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, बिहार और पश्चिम बंगाल राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रबंधन समूहों (एसपीएमजी) द्वारा सहायता प्रदान की जाती है जो सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत है तथा झारखण्ड में स्थित समर्पित नोडल केंद्र भी इसे सहयोग करता है |

    एनएमसीजी के प्रचालन का क्षेत्र गंगा नदी घाटी होगा जिसमें वे राज्य भी शामिल होंगे जहां से होकर गंगा नदी गुजरती है तथा इसमें राष्ट्रीय राजधानी राज्य क्षेत्र, दिल्ली भी सम्मिलित है | इसके प्रचालन के क्षेत्र में शासी परिषद द्वारा भविष्य में विस्तार, परिवर्तन अथवा परिवर्धन भी किया जा सकता है तथा इनमें ऐसे अन्य राज्य भी शामिल किए जा सकते हैं जहां से होकर गंगा नदी की सहायक नदियां गुजरती हैं, जैसाकि राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण (एनजीआरबीए) प्रदूषण में कमी करने तथा गंगा नदी के प्रभावी संरक्षण के लिए निर्णय ले |

    भारत सरकार का अपर सचिव एनएमसीजी का महानिदेशक है | एनएमसीजी के समग्र पर्यवेक्षण के अंतर्गत राज्यों में कार्यक्रम को क्रियान्वित करने के लिए राज्य कार्यक्रम प्रबंधन समूहों (एसपीएमजी) के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाती है |